*AAP हारी, भाजपा जीती, कांग्रेस शून्य की शून्य!फिर आतिशी व राहुल समर्थकों में किस बात का जश्न?*
*नई दिल्ली*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीटें जीतकर सत्ता पर कब्जा जमाया, जबकि आम आदमी पार्टी 22 सीटों तक सिमट गई है। वहीं, कांग्रेस लगातार तीसरी बार अपना खाता खोलने में असफल रही। लेकिन इस हार के बावजूद दो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं, जिनमें AAP नेता आतिशी और कांग्रेस नेता रागिनी नायक हार के बाद भी जश्न मनाते नजर आ रही हैं।
दिल्ली चुनाव में AAP को करारी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पार्टी नेता और दिल्ली की निवर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी इस हार का गम मनाने के बजाय खुशी से नाचती हुई नजर आईं। उनका यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने यह वीडियो शेयर किया, जिसमें आतिशी अपने समर्थकों के साथ डांस कर रही हैं। स्वाति मालीवाल ने सवाल उठाया, ये कैसा बेशर्मी का प्रदर्शन है? पार्टी हार गई, बड़े-बड़े नेता चुनाव हार गए और आतिशी जश्न मना रही हैं?
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। कुछ यूजर्स ने कहा कि आतिशी ने यह बेशर्मी अपने नेता अरविंद केजरीवाल से सीखी है। कुछ लोगों ने यहां तक कयास लगाया कि आतिशी जल्द ही बीजेपी ज्वाइन कर सकती हैं। इस चुनाव में कांग्रेस की हालत बेहद खराब रही। पार्टी को महज 4.26% वोट मिले और उसे एक भी सीट नहीं मिली। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस नेता रागिनी नायक जश्न मनाते हुए नजर आईं।
बीजेपी नेता राधिका खेड़ा ने रागिनी नायक का वीडियो शेयर किया, जिसमें वह पार्टी दफ्तर में भांगड़ा कर रही थीं। इस वीडियो के साथ राधिका खेड़ा ने लिखा, “दिल्ली में 4.26% वोट पाने वाली कांग्रेस का ‘भांगड़ा’ देखकर लगा, जैसे सियासी दफ्तर नहीं, ‘पागलखाने का वार्ड’ खुल गया हो! जनता ने इन्हें बार-बार नकारा और अब वे अपनी हार पर ही जश्न मना रहे हैं। कांग्रेस का नया नारा—‘हारो, नाचो, भूल जाओ!
AAP को इस चुनाव में करारी शिकस्त मिली, वहीं कांग्रेस की स्थिति पहले से भी बदतर हो गई। हालांकि, बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन कर सत्ता में वापसी कर ली। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हारने के बावजूद नेताओं का इस तरह जश्न मनाना जनता के लिए एक बड़ा सवाल है। क्या यह हार स्वीकार करने की एक नई राजनीतिक शैली है या फिर जनता की भावनाओं से खिलवाड़? अब देखना होगा कि क्या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इस चुनावी हार से सबक लेगी या फिर अगले चुनावों में भी वही कहानी दोहराई जाएगी?
