*हुल दिवस पर भोगनाडीह में आयोजित कार्यक्रम से पहले ग्रामीणों व पुलिस के बीच हिंसक झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस से माहौल बेहद तनावपूर्ण*
*भोगनाडीह(साहिबगंज)*
हुल दिवस पर आज सोमवार को भोगनाडीह में आयोजित कार्यक्रम से पहले पुलिस और आदिवासियों के बीच हिंसक झड़प हो गई| एक तरफ से तीर धनुष तो दूसरी तरफ से आंसू गैस और लाठीचार्ज से स्थिति काफी तनाव पूर्ण बतायी जा रही है| सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस झड़प में संतालों के तीर से दो जवान जख्मी हुए हैं| वहीं पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े है| घटना के बाद अमर शहीद सिदो-कान्हू की जन्मभूमि भोगनाडीह में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बतायी जा रही है|
हालांकि समाचार लिखे जाने तक घायलों की वास्तविक स्थिति प्राप्त नहीं हो पायी| सूत्रों के अनुसार पुलिस के दो जवान तीर से जख्मी हुए हैं, पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज एवं आंसू गैस का प्रयोग किया है|
जानकारी के अनुसार कुछ दिनों से प्रशासन और ग्रामीण के बीच हुल दिवस के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विवाद चल रहा था| सिद्दो कानू के वंशज मंडल मुर्मू स्थानीय स्टेडियम में 30 जून हुल दिवस के मौके पर कार्यक्रम करना चाहते थे| उन्होंने इसकी लिखित सूचना प्रशासन को दी, लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी| इसके बाद वहां के ग्रामीण नाराज हो गये और प्रशासन के खिलाफ इन्होंने मोर्चा खोल दिया| ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने मौखिक रूप से कार्यक्रम करने की इजाजत दी, लेकिन प्रशासन के द्वारा देर रात पंडाल खुलवा दिया गया। मामले में मंडल मुर्मू का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से लिखित स्वीकृति का आग्रह किया, लेकिन उनके कार्यक्रम में बाधा डालने का प्रयास किया गया| जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है|
ज्ञात हो कि कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन एवं पूर्व विधायक सीता सोरेन शामिल होने वाले थे जिसमें सीता सोरेन भोगनाडीह पहुंच चुकी है| उन्होंने मामले में साहिबगंज प्रशासन को खूब खरी-खोटी सुनाई वहीं चंपाई सोरेन के पहुंचने का समाचार नहीं मिला है|
