*सात राज्यों की संयुक्त टीम रोकेगी ड्रग्स तस्करी, एसपी रैंक के नोडल अधिकारी को दी जाएगी जिम्मेदारी*
*नई दिल्ली*
नशा व अपराध मुक्त भारत बनाने के लिए पंचकूला में हरियाणा समेत उत्तर भारत के सात राज्यों के पुलिस महानिदेशकों, एनआईए, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने शुक्रवार को पंचकूला में विस्तार से मंथन किया।
बैठक में मुख्य रूप से नशे की तस्करी रोकने को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने सहमति जताई कि पंचकूला में बना अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय बेहतर तरीके से काम करे, इसके लिए सभी राज्य अपने यहां एसपी रैंक के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, ताकि नशा तस्करी व तस्कर की सूचनाएं वास्तविक समय पर साझा की जा सकें। बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्यों के बीच में अपराधियों का डाटा साझा करने के लिए राज्यों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी, ताकि आपसी तालमेल स्थापित करते हुए कार्य किया जा सके। बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि आपराधिक गतिविधियों व आतंक को अंजाम देने के लिए पैसों का इंतजाम नशे के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने को लेकर सभी राज्यों के बीच में मजबूत समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संबित मिश्रा ने बताया कि नशा तस्करी के रूट पहचानने की जरूरत है, ताकि सभी प्रदेश अफीम व अन्य मादक पदार्थों की सीमा पार तस्करी पर रोक लगा सकें। नशा ही संगठित अपराध की आय का प्रमुख स्रोत है। बैठक में हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान के पुलिस प्रमुख शामिल थे।
*हरियाणा में 80 गैंग, 8 दिल्ली एनसीआर में मांगते हैं रंगदारी*
बैठक में एसपी स्पेशल टास्क फोर्स वसीम अकरम ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 80 आपराधिक गैंग सक्रिय हैं। इनमें से आठ बड़े गैंग ऐसे हैं जो दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी मांगते हैं। इन गैंग ने विदेशों में अपने संपर्क बना रखे हैं, जो वहां से अपनी गैंग को संचालित कर रहे हैं। इस दिशा में सभी राज्यों की पुलिस के संगठित प्रयास अत्यंत आवश्यक है। कुख्यात अपराधी दुबई, पाकिस्तान, अर्मेनिया, बैंकाक, थाईलैंड, अमेरिका, पुर्तगाल और कनाडा में छिपे हैं। इन अपराधियों को वापस लाने के लिए पुलिस इंटरपोल के साथ संपर्क में है। हरियाणा पुलिस ने वर्तमान में 35 लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं, वहीं 22 पासपोर्ट रद्द किए गए हैं।
