*पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा 30 जुलाई को महाधरना आयोजित कर अपने अधिकार के लिए मुख्यमंत्री को सौपेगा ज्ञापन*
*जरमुंडी,जामा और दुमका विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी देने पर विचार*
*दुमका*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा संताल परगना के बन्दरजोरी स्थित अस्थाई कार्यालय में केन्द्रीय अध्यक्ष असीम मंडल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय प्रधान महासचिव डॉ अमरेन्द्र कुमार यादव ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न नियुक्ति विज्ञापन में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में लगातार कटौती, जातिगत जनगणना करा कर आबादी के अनुसार आरक्षण, पंचायत को ईकाई मानकर अनुसूचित क्षेत्रों का निर्धारण करते हुए एकल पदों को आरक्षित करने और आने वाले विधानसभा चुनाव में ओबीसी मोर्चा का जरमुंडी, जामा और दुमका विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी खड़ा करने सहित कई अन्य मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
बताया कि तत्कालीन बाबुलाल मरांडी सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया तथा दुमका सहित सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शुन्य कर दिया गया। हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार द्वारा पुनः आरक्षण का प्रतिशत पूर्ववत करने हेतु राज्यपाल को बिल भेजा गया था, परन्तु गेंद पुनः वीजेपी के पाले में होने के कारण राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान नहीं की। इस तरह से झारखंड की सभी सरकार ओबीसी वर्ग के साथ सांप -सिढ़ी का खेल खेल रही है।
उपरोक्त मांगों के समर्थन में मोर्चा द्वारा आगामी 30 जुलाई को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय महाधरणा कार्यक्रम आयोजित कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
महाधरना को सफल बनाने के लिए ओबीसी वर्ग के अधिक से अधिक जुटान के लिए मोर्चा दिनांक 23 जुलाई से व्यापक जन जागरूकता सह संकल्प सभा का आयोजन किया जाएगा। 23 जुलाई को जामा और जरमुंडी में, 24 जुलाई को रामगढ़ और सरैयाहाट, 25 जुलाई को मसलिया और दुमका में प्रखण्डो में आयोजित कर महाधरणा में भाग लेने के लिए ओबीसी वर्गों के सदस्यों से अपील किया जायगा।
बैठक में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष इन्द्रकांत यादव, महासचिव रंजित जयसवाल व दयामय माजि, कोषाध्यक्ष अजित मांझी, बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष शिवनारायण दर्वे, कोर कमेटी के सदस्य जयकांत जयसवाल, पवित्र कुमार मंडल, संजय कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

