*गर्म जलकुंड तांतलोई में आयोजित तीन दिवसीय मेले के तीसरे दिन बुधवार को उमड़ी अनुमान से अधिक भीड़*
*जामा(दुमका)*
*जामा ब्यूरो की रिपोर्ट*
दुमका जिले के जामा प्रखंड अंतर्गत बारा पलासी से चार किलोमीटर की दूरी पर प्राकृतिक गुणों से भरपूर तातलोई गर्म जल कुंड, झरना और भुरभुरी नदी के तट पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य मकर संक्रांति मेला के तीसरे दिन बुधवार को अनुमान से अधिक भीड़ उमड़ पड़ी। जहां जलकुंड पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, वहीं भुरभुरी नदी तट पर परिवार के साथ मेला का लुफ्त उठाने वाले लोगों की भारी भीड़ देखी गई। स्थानीय नागरिक सुभाष नाग , पुलिस हेंब्रम, दामोदर मुसूप आदि ने बताया कि पिछले दो साल के बनिस्पत इस साल काफी भीड़ देखने को मिल रही है।
अमूमन मेला तीन दिन तक चलता है लेकिन अब मेला चार दिन का होने लगा है। परंपरागत तौर पर 13 को साफा होड़ यहां डुबकी लगाने आते हैं, जबकि 14 को मकर स्नान करने वाले सभी पंत संप्रदाय के श्रद्धालु और पूजा अर्चना करने वाले साफा होड़ की उपस्थिति रहती है, लेकिन 15 को दूर दराज और आस पास के ग्रामीण मेला देखने पहुंचते हैं और मेले का आनंद लेने के साथ साथ घरेलू उपयोग और खेती बाड़ी में प्रयुक्त होने वाले सामानों की खरीददारी करते हैं। बताते चलें कि इस बार प्रशासन द्वारा मेले में सुरक्षा और साफ सफाई का पुख्ता इंतजाम किया गया है। मेले का स्वरूप भी बदलता जा रहा है| ऐसे में मेले में भीड़ बढ़ती जा रही है, जिससे अब यह मेला एक दिन बढ़ कर 16 तक चलेगा। मामले में सुभाष नाग ने बताया कि धीरे धीरे मेले का स्वरूप भी बदलता जा रहा है। पहले केवल घुघनी मुड़ी, जलेबी, सन पापड़ी और नाश्ता की दूकान लगती थी और मनिहारी दुकान पर महिलाएं और बच्चों के खिलौने और लोहे की सामग्री खेती बाड़ी में प्रयुक्त होने वाले सामान और कुछ खरेलू सामान ही बिकते थे लेकिन धीरे धीरे बदलाव हो रहा है और अब हरेक प्रकार के दुकानें सजती है।
घरेलू उपयोग के सामान, कृषि उपकरण, मनोरंजन के समान बिकती है,बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला लगता है, जहां बच्चे झूलने का आनंद लेते हुए देख सकते हैं। मिठाई की बड़ी बड़ी दुकानें सजती हैं। अगर यात्री रात में रहना पसंद करे तो खाना खाने के लिए आपको होटल भी मिल जाएगा। प्रशासन द्वारा जल कुंड स्थल पर सूचना एवं जन संपर्क विभाग और पर्यटन और कला संस्कृति विभाग द्वारा संचालित और प्रसारित होने वाले प्रशासनिक जागरूकता केंद्र पर मनोरंजन और ज्ञानवर्धक प्रस्तुति भी तातलोई मेला को दर्शनीय बना रहा है। जिससे दिनों दिन मेले की प्रसिद्धि बढ़ती जा रही है।
