*काठीकुंड प्रखंड के झिकरा पंचायत अंतर्गत डोमनपुर गांव में संथाली रीति रिवाज से मनाया गया बाहा पर्व*
*काठीकुंड(दुमका)*
*आगस्टिन हेम्ब्रम की रिपोर्ट*
काठीकुंड प्रखंड के झिकरा पंचायत अंतर्गत डोमनपुर गांव में मंगलवार को संथाली रीति रिवाज के साथ बाहा पर्व मनाया गया। नायकी को विधिवत जाहेर पूजा स्थान तक पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार बाहा पर्व के अंतिम दिन को शरदी माह कहते हैं, इस दिन को सभी ग्रामीण सुबह से ही सादा पानी से एक दूसरे पर पानी डालते हैं और बाहा पर्व का आनंद लेते हैं। संताल आदिवासियों में यह मान्यता है कि बाहा सिर्फ सादा पानी से खेलना चाहिए, रंगीन पानी से खेलना परम्परा के विरुद्ध है।
नायकी आकलू हांसदा ने बताया कि पूर्वजों से ही यह देखा गया है कि संताल आदिवासी हमेशा सादा पानी से ही बाहा खेलते आये है। जिसके बाद वहां से बाहा( सखुआ का फूल) को लेकर गांव के घर -घर तक फूल को दिया गया। बाहा पर्व सदियों से चला आ रहा प्रकृति का एक पर्व है जिसमें रंग बिरंगे फूलों की पूजा की जाती है और खुशियां मनाई जाती है।मौके पर ग्राम प्रधान अमीन टुडू, नायकी अकलू हांसदा, गोडीत बाबूराम टुडू, जोगमांझी नोरेन मुर्मू, मुखिया प्रतिनिधि दुलाल बेसरा, एल्बिनुस मरांडी, फिरोज हांसदा, पौलूस पवरिया, धनपति बेसरा , रविलाल बेसरा समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
