*स्वदेश वाणी में प्रकाशित खबर का असर, ग्रामीणों को मिला जंगली बंदर के आतंक से छुटकारा*
*लखनपुर के ग्रामीणों में आतंक का पर्याय बने जंगली बंदर को पकड़ने में वन कर्मियों को मिली सफलता*
*पिछले चार-पांच दिनों में दो दर्जन से अधिक लोगों को काटकर कर चुका है घायल,बंदर के पकड़े जाने से लोगों ने ली राहत की सांस*
*रामगढ़(दुमका)*
पिछले चार-पांच दिनों से रामगढ़ प्रखंड के लखनपुर गांव के ग्रामीणों के बीच आतंक का पर्याय बने जंगली बंदर को वन कर्मियों की टीम ने सोमवार को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। कहीं बाहर से भटक कर लखनपुर पहुंचे जंगली बंदर ने पिछले चार-पांच दिनों से लखनपुर के दो दर्जन से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया था।
बंदर के आतंक से पीड़ित ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एवं वन विभाग से बंदर को पकड़ कर जंगल में छोड़ने की मांग की थी। सोमवार को स्वदेश वाणी में इससे संबंधित समाचार भी प्रकाशित हुआ था। इसके बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हुई तथा वनरक्षी घनश्याम यादव तथा सुबल मुर्मू के नेतृत्व में वन विभाग की टीम जंगली बंदर को पकड़ने के लिए सोमवार को लखनपुर पहुंची।
टीम में शामिल अन्य सदस्यों में भूदेव चालक तथा राधेश्याम मलिक शामिल थे। वन कर्मियों की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से कई घंटे की मशक्कत के बाद जंगली बंदर को पकड़ने में सफलता पाई। टीम का नेतृत्व कर रहे वनरक्षी घनश्याम यादव के अनुसार पकड़े गए जंगली बंदर को देवघर जिले के त्रिकुट पहाड़ के जंगल में छोड़ दिया जाएगा. बंदर के पकड़े जाने से उसका आतंक झेल रहे लखनपुर के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
