*सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को अपने बजट का लगभग 25 प्रतिशत ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च करने का निर्देश*
*नई दिल्ली*
*रिपोर्ट – निर्मल कांत*
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य देश की सर्वांगीण प्रगति सुनिश्चित करने के लिए अपने बजट का लगभग 25 प्रतिशत ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च करें।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि इन पर सरकारों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पीठ ने कहा कि कुछ उचित मामलों में वह केंद्र और राज्य को कुछ निर्देश दे सकती है। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी मुंडोना ग्रामीण विकास फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में राज्य सरकारों और केंद्र को ग्राम पंचायतों की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय स्थापित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि इस बात पर जोर देने की कोई आवश्यकता नहीं है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालयों की स्थापना से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्कृति का संचार होगा और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक ज्ञान की पहुंच होगी। पीठ ने राज्य सरकार से गांवों में पुस्तकालयों की कमी के मुद्दे को हल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि इस दिशा में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) का लाभ उठाने के लिए कुछ कदम उठाए जाएंगे।
