*शांति प्रस्ताव पर वार्ता के लिए मिस्र पहुंचे हमास के नेता, बातचीत के लिए इस्राइल को भी न्योता*
*नई दिल्ली*
*शुभम कुमार की रिपोर्ट*
गाजा में जारी युद्ध के बीच अब शांति की कोशिशें एक बार फिर तेज हो गई हैं। इसके लिए हमास का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंचा, जहां हमास के नेताओं ने मिस्र के अधिकारियों के साथ युद्धविराम, कैदियों की अदला-बदली और मानवीय सहायता पर बातचीत शुरू की। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई हमास नेतृत्व परिषद के प्रमुख मुहम्मद दरवेश कर रहे हैं, जिनके साथ जहीर जबरीन, खालिद मेशाल और अन्य नेता शामिल हैं। इसको लेकर हमास ने अपने बयान में कहा कि वे युद्ध रोकने और गाजा में फंसे लोगों के लिए भोजन, दवा और दूसरी मदद की तुरंत जरूरत पर जोर देंगे।
*इस्राइल को भी भेजा गया न्योता*
मामले में मिस्र के अधिकारी ने बताया कि इस्राइल को भी वार्ता में शामिल होने के लिए सोमवार को बुलाया गया है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि इस्राइल इस बातचीत में शामिल होगा या नहीं। इस्राइली सूत्रों ने कहा कि उन्हें मध्यस्थों से कोई नया प्रस्ताव नहीं मिला है, और वे सिर्फ मिले हुए मध्यस्थों के प्रस्तावों पर ही जवाब देंगे।
बता दें कि इससे पहले इस्राइल ने गाजा में हमास को खत्म करने और बंधकों को छुड़ाने के लिए भारी बमबारी की थी। साथ ही बीते दो मार्च को गाजा में मानवीय मदद पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इस कारण वहां खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचना बंद हो गया है।
इस्राइल और हमास के बीच के तनाव को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा कि गाजा के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और वहां मदद भेजना जरूरी है। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह क्या कदम उठा रहा है।
*फलस्तीनी राष्ट्रपति ने हमास पर साधा निशाना*
वहीं दूसरी ओर फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि हमास ने बंधकों के जरिए इस्राइल को गाजा पर हमला करने का बहाना दिया है। अब्बास ने कहा कि इस्लाइली कैदियों को तुरंत रिहा करना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने अपने बयान में हमास को गाली तक दे दी। साथ ही गाजा में हो रहे इस्राइली हमलों को नरसंहार बताया।
*स्वतंत्र फलस्तीन की मांग पर जोर*
इसके साथ ही अब्बास ने फलस्तीनी गुटों को एकजुट करने, गाजा से इस्राइली सेना की वापसी और एक स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य की मांग भी दोहराई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमास ने 2007 से गाजा पर कब्जा करके फलस्तीनी उद्देश्य को नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या ये बातचीत कोई हल निकाल पाएगी या फिर युद्ध और मानवीय संकट और बढ़ेगा।
