*रामगढ़ प्रखंड में भगवान भरोसे है स्वास्थ्य सुविधाएं, शाम के बाद नहीं रहते चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी*
*सड़क दुघर्टना में गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज कराने पहुंचे ग्रामीणों को नहीं मिला कोई भी स्वास्थ्य कर्मी,चिकित्सकों का ड्यूटी चार्ट ओर संपर्क नंबर भी नदारद*
*रामगढ़(दुमका)*
*रामगढ़ ब्यूरो की रिपोर्ट*
रामगढ़ प्रखंड में इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाएं भगवान भरोसे चल रही है। जिसका एक वीडियो सोशल मिडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कहने को तो रामगढ़ में सभी सुविधाओं से लैस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। सेवा देने के लिए 4 एमबीबीएस डाक्टर के साथ साथ दो आयुष जबकि एक आरबीएसके चिकित्सक मौजूद हैं| मगर डाक्टर से लेकर सभी स्वस्थय कर्मी अपनी ड्यूटी से गायब रहते हैं।
मजे की बात है कि अगर किसी को तेज माथा दर्द जैसी शिकायत भी है तो उन्हें यहां इलाज करने के बजाय रेफर कर दिया जाता है। एक ओर पर्व, त्योहारों के मौसम में जहां स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग को मुस्तैद रहना चाहिए, मगर रामगढ़ में इसका कोई असर नहीं दिखाई देता है। शाम होते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से सभी कर्मचारी नदारद हो जाते हैं। शुक्रवार की देर रात एक ऐसी ही घटना रामगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिली|
लखनपुर मेला देखकर वापस अपने घर लौट रहे बड़ी रणबहियार पंचायत के कुरुआ गांव का एक युवक बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे ग्रामीणों की मदद से इलाज के लिए रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया| परन्तु शुक्रवार को एमरजेंसी में तैनात डाक्टर भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद नहीं थे। घायल युवक के साथ आए लोगों ने काफी देर तक डाक्टर को बुलाने का प्रयास किया मगर कोई नहीं आया। युवक की हालत बिगड़ती देख एम्बुलेंस बुलाकर रात में ही उसे दुमका भेज दिया गया। जहां युवक की हालत नाज़ुक बनी हुई है।
बता दें कि खुद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामप्रसाद ही रामगढ़ में नहीं रहते हैं। न ही अस्पताल परिसर में चिकित्सकों का ड्यूटी चार्ट ओर संपर्क नंबर ही लगाया गया है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण देर रात कोई मरीज अस्पताल पहुंचता है तो डाक्टर से मुलाकात होना असंभव है।
