*माघी पुर्णिमा के पावन अवसर पर बासुकीनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब*
*बासुकीनाथ(दुमका)*
माघी पुर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को बाबा बासुकीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। माघी पुर्णिमा को लेकर मंदिर प्रबंधन ने बाबा बासुकीनाथ मंदिर का पट लगभग साढ़े तीन बजे प्रातः खोल दिया। बासुकीनाथ मंदिर के गर्भगृह की साफ सफाई के बाद देर से मंदिर का पट खुलने की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कतार में लगकर बाबा फौजदारी की पूजा अर्चना की। उसके बाद प्रतिदिन होने वाले सरकारी पूजा संपन्न हुई।
सरकारी पूजा संपन्न होने तक मंदिर का पट बंद रहा। सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद पुनः बाबा मंदिर को श्रद्धालुओं के पूजा अर्चना के लिए खोल दिया गया| माता पार्वती मंदिर में मंदिर प्रबंधन द्वारा अरघा लगाया गया। पुर्णिमा के पूर्व संध्या पर मंगलवार की रात्रि को ही मंदिर प्रशासन द्वारा यात्रियों को सुरक्षित तरीके से पूजा अर्चना को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किया गया था। जरमुंडी थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल के अगुवाई में मंगलवार के रात्रि को ही माघी पुर्णिमा पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को सुचारु तरीके से जलार्पण कराने को लेकर प्रयास किया गया था।
माघी पुर्णिमा पर दिन भर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ के फौजदारी दरबार में जलार्पण किया। जिले के पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खैरवार ने भी माघी पुर्णिमा के दिन बासुकीनाथ पहुंचकर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जरमुंडी थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल माघी पुर्णिमा पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं का जायजा लेते रहे। पुर्णिमा के दिन मंदिर प्रबंधन द्वारा आगंतुक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर कार्यालय के समीप शीघ्रदर्शनम कूपन काउंटर खोला गया था। जिसका लाभ कतार में लगने से बचने और शीघ्र बाबा बासुकीनाथ के पूजा अर्चना करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उठाया। तीन सौ रुपए का शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर उन्होंने बाबा मंदिर में जलार्पण किया।
माघी पुर्णिमा पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित कर सुरक्षित तरीके से पूजा अर्चना कराने के लिए मंदिर प्रवेश के लिए एक शीघ्रदर्शनम द्वार और दूसरा प्रवेश द्वार संस्कार मंडप होकर था। माघी पुर्णिमा पर बुधवार को लगभग साठ हजार श्रद्धालुओं ने कड़ी और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के बीच जलार्पण किया।
