*प्राथमिक विद्यालय ओगइयां में भय के साए में नौनिहालों को पढ़ाते हैं शिक्षक, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा*
*जामा(दुमका)*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
दुमका के जामा प्रखंड अंतर्गत तापसी पंचायत के ओगइयां गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय ओगइयां में शिक्षा विभाग की उदासीनता से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है| विद्यालय के हेडमास्टर चमन जी बताते हैं कि प्रतिदिन भय के साए में यहां बच्चों को पढ़ाया जाता है| हमेशा डर बना रहता है कि विद्यालय की जर्जर दीवार किसी बड़ी घटना का कारण न बन जाए।
जब उनसे पूछा गया कि आपने अपने विभाग को इसकी जानकारी दी हैं या नहीं तो जवाब में हेडमास्टर बताते हैं कि कई बार जामा प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी में इसकी जानकारी दी जा चुकी है इसके बावजूद अभी तक इस विषय पर कोई सकारात्मक कदम नहीं नहीं उठाया गया।
अध्यापक के अनुसार पढ़ाई के दौरान पढ़ाई से ज्यादा इस बात पर ध्यान देना पड़ता है कि कहीं कोई बच्चा जर्जर भवन की तरफ ना चला जाए| अक्सर बच्चे मध्यान भोजन के समय बाहर निकलते हैं जिसके चलते भय बना रहता है।
बताते चलें कि ओगइयां प्राथमिक विद्यालय जर्जर हालत में है| आधा छत टूट कर लटका हुआ है| दीवार गिरने को है, विद्यालय के जिन कमरों में बच्चों की पढ़ाई होती हैं उन कमरों की भी स्थिति ठीक नहीं है| कमरे की छत भी टूटने लगी है, जो किसी दिन किसी बच्चे के माथे पर गिर सकती हैं और बड़ी घटना घट सकती है।
निश्चित रूप से शिक्षा विभाग को इस पर ध्यान देने की जरूरत है नहीं तो एक दिन विभाग की उदासीनता किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है| मामले में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुधा कुमारी से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई परन्तु उन्होंने फोन रिसीव ही नहीं किया| बहरहाल जब अधिकारी ही असंवेदनशील हो तो आखिर शिक्षक और बच्चे किससे फरियाद करें|
