*प्रशासनिक सख्ती के बावजूद शिकारीपाड़ा वन क्षेत्र में नहीं थम रहा कोयला का अवैध उत्खनन*

*शिकारीपाड़ा वन क्षेत्र के बादल पाड़ा एवं कल्याणपुर वन क्षेत्र में सुरंग बनाकर किया जा रहा है कोयला का उत्खनन*
*शिकारीपाड़ा(दुमका)*
*शिकारीपाड़ा ब्यूरो की रिपोर्ट*
शिकारीपाड़ा वन क्षेत्र अंतर्गत कोयला का अवैध उत्खनन एवं परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा| प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद कोयला माफिया कोयला का उत्खनन एवं परिवहन बंद नहीं कर रहे हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकारीपाड़ा वन क्षेत्र के बादल पाड़ा एवं कल्याणपुर वन क्षेत्र में कोयला माफिया सुरंग बनाकर कोयला का उत्खनन कर रहे हैं। बताते चलें कि 3 माह पूर्व जिला टास्क फोर्स की टीम द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी दुमका के नेतृत्व में वन विभाग एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ बादल पाड़ा एवं लुटिया पहाड़ में चल रही रैयती एवं वन भूमि की कोयला खदानों को डोजरिंग कर ध्वस्त कर दिया गया था| अब एक बार फिर कोयला माफियाओं ने स्थान बदलकर दोबारा कोयला का अवैध खनन शुरू कर दिया हैं। एक सप्ताह पूर्व वन विभाग की टीम ने कल्याणपुर में संचालित कोयला खदान से कुछ मशीनों को उठाकर वन परिसर शिकारी पाड़ा लाया था, उसके बावजूद कोयला खदानें बंद नहीं हुई| सूत्रों ने बताया कि वर्तमान समय में भी कोयला की अवैध खदानें धड़ल्ले से चल रही है।
*क्या कहते हैं पदाधिकारी*
कल्याणपुर एवं लुटिया पहाड़ वन क्षेत्र में चल रही कोयल की अवैध खदानों के संबंध में शिकारीपाड़ा के अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर कहते हैं कि वन क्षेत्र अंतर्गत जो भी गतिविधि होती है, उस पर निगरानी एवं कार्रवाई करना वन विभाग का दायित्व होता है| यदि रैयती एवं राजस्व भूमि पर किसी प्रकार का अवैध उत्खनन होता है तो राजस्व विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है।
शिकारीपाड़ा के वनपाल तारिणी मंडल ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही कल्याणपुर में चल रही कोयला खदान से कुछ सामग्रियों को जप्त कर वन परिसर लाया गया था तथा कोयला खदान संचालित करने वाले व्यक्तियों की विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है| कहा कि यदि वर्तमान समय में भी कोयला का अवैध खनन बंद नहीं हुआ है तो जिला प्रशासन से डोजरिंग करने का अनुरोध किया जाएगा।
