Skip to content

पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के जन जागरण अभियान के बावजूद दुमका में नहीं थम रही बच्चा चोरी की अफवाह* 

*पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के जन जागरण अभियान के बावजूद दुमका में नहीं थम रही बच्चा चोरी की अफवाह*

 

*रामगढ़ थाना क्षेत्र के शंकरपुर में ग्रामीणों ने चार व्यक्तियों को बच्चा चोर होने के संदेह में पकड़कर कर दी जमकर पिटाई*

 

*सूचना पर पहुंची रामगढ़ पुलिस ने चारों को कराया ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त*

 

*रामगढ़(दुमका)*

 

*रिपोर्ट – बजरंग अग्रवाल*

 

पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे जन जागरण अभियान के बावजूद बच्चा चोरी की अफवाह थमने का नाम नहीं ले रही है‌। बच्चा चोरों के संदेह में ग्रामीणों द्वारा कानून को हाथ में लेने की घटनाएं लगातार घट रही हैं। ज्ञात हो कि बच्चा चोरी की घटना को काल्पनिक अफवाह बताते हुए पुलिस प्रशासन ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में माइकिंग आदि के द्वारा भी ग्रामीणों से कानून को हाथ में न लेने एवं किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर पुलिस और प्रशासन को सूचित करने का आह्वान कर रही है। लेकिन ऐसा कुछ खास असर होता नहीं दिख रहा है।

बुधवार की शाम लगभग 4 बजे रामगढ़ थाना क्षेत्र के भातुडिया बी गांव के शंकरपुर में ग्रामीणों ने चार व्यक्तियों को बच्चा चोर होने के संदेह में पकड़ लिया। इन चारों को चिहुटिया गांव की तरफ से ग्रामीण खदेड़ते हुए आ रहे थे। चारों व्यक्ति शंकरपुर में ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गए।शंकरपुर में आसपास के गांव के सैकड़ो लोग जमा हो गए तथा उन्होंने चारों व्यक्तियों की जमकर पिटाई कर दी। इसी बीच किसी ने रामगढ़ थाना प्रभारी को मामले की सूचना दी।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मनीष कुमार पुलिस टीम के साथ शंकरपुर गांव पहुंचे तथा चारों व्यक्तियों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया।

पुलिस चारों व्यक्तियों को थाने ले गई है। समाचार भेजे जाने तक रामगढ़ थाना के पुलिस अधिकारी चारों व्यक्तियों के नाम पता तथा उनके पेशे का सत्यापन करने का प्रयास कर रहे थे। चारों व्यक्तियों के पास मिले पहचान पत्र से उनकी पहचान सड़क टोला सुंदर मोड़, जिला गोड्डा निवासी नंदलाल गोस्वामी, हाट बंका जिला गोड्डा निवासी प्रदीप गोस्वामी, सुंदर मोड जिला गोड्डा निवासी मोहन गोस्वामी तथा हाट बंका जिला गोड्डा निवासी मनोज मंडल के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में उन चारों ने बताया है कि वे लोग गांव-गांव घूम कर झाड-फूंक तथा इलाज करते हैं। इसी कार्य से मिले पैसे एवं अनाज आदि से इन लोगों का गुजर बसर होता है।

मोहन गोस्वामी इन चारों का प्रधान है। झाड़-फूंक के सिलसिले में विभिन्न गांव में घूमते हुए वे लोग चिहुटिया गए थे। वहां ग्रामीणों ने इन लोगों को बच्चा चोर कहकर खदेड़ना शुरू कर दिया। बच्चा चोरों के पकड़ाने की खबर सुनकर जुटी भीड़ ने चारों की पिटाई भी की। यदि किसी समझदार ग्रामीण ने समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी होती और पुलिस समय पर शंकर पुर नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी दुर्घटना घटने से इनकार नहीं किया जा सकता। मॉब लिंचिंग में चारों की हत्या भी हो सकती थी।

https://emtvlive.in/

http://aajtakjharkhand.in

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *