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पहलगाम हमले पर भारत ने लिए पांच बड़े फैसले, पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द; अटारी बॉर्डर भी बंद* 

*पहलगाम हमले पर भारत ने लिए पांच बड़े फैसले, पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द; अटारी बॉर्डर भी बंद*

 *नई दिल्ली*

 *निर्मल कांत की रिपोर्ट*

दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। मिस्री ने कहा कि आज शाम प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक हुई। सीसीएस को पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। कई अन्य लोग घायल हुए थे। सीसीएस ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस आतंकवादी हमले की गंभीरता को समझते हुए सीसीएस ने निर्णय लिया है कि

1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता।

एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। जो लोग वैध तरीके के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे 1 मई 2025 से पहले उस मार्ग से वापस आ सकते हैं।

पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी SPES वीजा को रद्द माना जाएगा। SPES वीजा के तहत वर्तमान में भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे हैं।

नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति घोषित किया जाता है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय है।

भारत इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाएगा। संबंधित उच्चायोगों में ये पद निरस्त माने जाएंगे।

मिस्री ने कहा कि सीसीएस ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और सभी बलों को उच्च सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया। संकल्प लिया गया कि इस हमले के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। तहव्वुर राणा के हाल के प्रत्यर्पण की तरह भारत उन लोगों की तलाश में निरंतर प्रयास करेगा, जिन्होंने आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिया है या उन्हें संभव बनाने की साजिश रची है।

पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद आज शाम प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अधिकारी भी शामिल हुए। यह बैठक ढाई घंटे तक चली।

बायसरन घाटी में हुए हमले में शामिल दो स्थानीय आतंकियों की पहचान कर ली गई है। दो पाकिस्तानी आतंकियों की भी पहचान हुई है। मंगलवार को आतंकियों ने करीब 20 मिनट तक एके-47 से गोलीबारी की थी। स्थानीय आतंकियों के नाम आदिल अहमद ठाकुर और आशिफ शेख बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, आदिल ठाकुर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया जा रहा है। आदिल गुरी, बिजबेहड़ा का रहने वाला बताया जा रहा है। आशिफ शेख का जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन बताया जा रहा है। आशिफ मोंघामा, मीर मोहल्ला (त्राल) का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी यह भी मिली है कि हमले के कुछ आतंकियों ने बॉडी कैमरा लगाया था। हमले की पूरी घटना को आतंकियों ने रिकॉर्ड किया था।

इससे पहले, कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के शव बुधवार को श्रीनगर लाए गए, जहां अधिकारी पुलिस नियंत्रण कक्ष में पुष्पांजलि अर्पित की गई। बुधवार रात श्रीनगर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पीसीआर में एक समारोह में मृतकों के ताबूतों पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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