*पहलगाम अटैक पर ओवैसी का पाकिस्तान पर हमला, कहा- आपने पहलगाम में बेगुनाहों की हत्या कर की ISIS जैसी बर्बरता*
*नई दिल्ली*
*दीपक कुमार शर्मा*
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान पर हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि पहलगाम में हमारी जमीन पर बेगुनाहों की हत्या करके आपने ISIS जैसी बर्बरता की है। उन्होंने कहा कि वे परमाणु शक्ति होने का दावा नहीं कर सकते और बिना किसी परिणाम के बेगुनाहों की हत्या नहीं कर सकते।
ओवैसी ने महाराष्ट्र के परभणी में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा परमाणु शक्ति होने की बात करता है। उन्हें यह याद रखने की जरूरत है कि अगर वे किसी देश में घुसकर बेगुनाह लोगों को मारते हैं, तो वह देश चुप नहीं बैठेगा। चाहे कोई भी सरकार हो, हमारी जमीन पर हमारे लोगों को मारकर और उन्हें धर्म के आधार पर निशाना बनाकर, आप किस ‘दीन’ की बात कर रहे हैं? आपने ISIS की तरह काम किया है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पहलगाम की बायसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे। जवाब में, 23 अप्रैल से ही घटनास्थल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमें तैनात हैं। टीमों ने सबूत जुटाने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। घटना की कड़ी को जोड़ने के प्रयास जारी हैं। साथ ही हमले को देखने वाले चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद से इस क्षेत्र में सबसे घातक हमलों में से एक है, जिसमें 40 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शहीद हो गए थे।
हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए कई अभियान चलाए हैं। हमले के बाद, आतंकवाद को प्रायोजित करने में पाकिस्तान की कथित भूमिका के लिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
हमले के बाद, 23 अप्रैल को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई। उसे हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। समिति ने घटना की कड़ी निंदा की। साथ ही पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीर्घ स्वास्थ होने की कामना की। अपनी ब्रीफिंग में CCS ने हमले के सीमा-पार संबंधों की ओर इशारा किया। साथ ही कहा कि हमला केंद्र शासित प्रदेश में चुनावों के सफलतापूर्वक संपन्न होने और आर्थिक विकास में इसकी निरंतर प्रगति के बीच हुआ।
हमले के बाद भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन पदों को अब रद्द माना जाता है। इसके अलावा सेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी दोनों मिशनों से वापस बुला लिया जाएगा। इसके अलावा, भारतीय उच्चायोग में कुल कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी, ये बदलाव 1 मई, 2025 तक प्रभावी होने वाले हैं।
