*पश्चिम बंगाल पुलिस ने किया पश्चिम बंगाल-झारखंड बार्डर को सील,जाम में फंसे पांच सौ से अधिक वाहन, लोगों में आक्रोश*

*डीवीसी द्वारा पानी छोड़ने का विरोध करते हुए सीएम ममता बनर्जी के तुगलकी फरमान पर बंगाल पुलिस ने की कार्रवाई*
*रानीश्वर(दुमका)*
बंगाल पुलिस ने गुरुवार की रात से पश्चिम बंगाल -झारखंड बॉर्डर को सील कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात 8 बजे अचानक बंगाल पुलिस ने झारखंड की सीमा में घुसकर झारखंड से पश्चिम बंगाल जा रहे सभी वाहनों को रोक दिया। समाचार लिखे जाने तक रानीश्वर प्रखंड के महेशखला बॉर्डर पर 500 से ज्यादा वाहन कतार लगाकर खड़े है। वाहनों की कतार से शुक्रवार को पूरा बाजार जाम हो गया है।
जानकारी के अनुसार डीवीसी के जलाशय से पानी छोड़ने के कारण पश्चिम बंगाल के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं,उन इलाकों में बाढ़ आ गई है। सूत्रों से मिली जानकारी शुक्रवार को ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर डीवीसी के सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी है| उन्होंने लिखा है कि डीवीसी की ओर से तकरीबन 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से पूर्वी वर्दवान, पश्चिमी वर्दवान, वीरभूम, बांकुड़ा, हावड़ा, हुगली, पूर्वी मेदनीपुर और पश्चिमी मेदिनीपुर विनाशकारी बाढ़ का सामना कर रहे हैं| ममता बनर्जी ने पत्र में कहा कि मैं इसे मानव निर्मित बाढ़ कहने के लिए विवश हूं|
यह एक ऐसी स्थिति है जो पूरी तरह अनदेखी की वजह से उपजी है| उन्होंने लिखा है कि हम महसूस करते हैं कि अगर इस मानव निर्मित आपदा को अच्छी तरह से योजनाबद्ध और संतुलित बांध डैम मैनेजमेंट किया गया होता तो हमारे लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता|
डीवीसी की ओर से पानी छोड़ने के कारण आयी बाढ़ के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक तुगलकी फरमान जारी किया हैं| ममता बनर्जी के इस तुगलकी फरमान का विरोध करते हुए यहां के स्थानीय किसानों ने झारखंड सरकार से मसानजोड़ डैम के जल बंटवारे को लेकर पश्चिम बंगाल के साथ किए गए एकरारनामा को रद्द करने की मांग की है।
