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ताइवान की हवाई सीमा में दाखिल हुए चीन के 22 लड़ाकू विमान,जल क्षेत्र पर भी ड्रैगन की नजर* 

*ताइवान की हवाई सीमा में दाखिल हुए चीन के 22 लड़ाकू विमान,जल क्षेत्र पर भी ड्रैगन की नजर*

 

*नई दिल्ली*

 

*ब्यूरो रिपोर्ट*

 

चीन और ताइवान के बीच जमीन को लेकर जंग जारी है। चीन लगातार ताइवान के क्षेत्र को अपना बताता आया है और किसी भी हाल में वहां कब्जा करना चाहता है। इस बीच ताइवान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि चीन ने एक बार फिर से उसके क्षेत्र में घुसपैठ की है। बताया गया है कि ताइवान की हवाई सीमा के आस पास चीन के 28 लड़ाकू विमान देखे गए। इनमें से 22 लड़ाकू विमान ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में दाखिल हुए। इसके अलावा ताइवान के जल क्षेत्र में चीन के 10 नौसैनिक जहाज देखे गए। साथ ही बताया गया है कि शुक्रवार सुबह छह बजे से लेकर आज शनिवार सुबह छह बजे ताइवान में चीन की घुसपैठ देखी गई।

 

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 22 लड़ाकू विमान हवाई के जलडमरूमध्य को पार कर दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में दाखिल हुए। यह भी कहा गया है कि स्थिति को भांपते हुए चीन को इसका जवाब भी दिया गया। चीन की सेना के जवाब में, ताइवान ने भी तटीय क्षेत्र में अपने लड़ाकू विमानों, नौसैनिक जहाजों और मिसाइल सिस्टम को तैनात किया।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आज सुबह छह बजे चीन की पीएलए 28 लड़ाकू विमान और करीब 10 नौसेनिक जहाज भी ताइवान की सीमा पर देखे गए। इनमें से 22 लड़ाकू विमान मध्य रेखा को पार कर ताइवान के दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में दाखिल हुए। इसलिए, हमने स्थिति को भांपते हुए इसका जवाब दिया।

 

*ताइवान को लगातार उकसा रहा है चीन* 

 

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में यह देखने को मिल रहा है कि चीन द्वारा लगातार ताइवान को उकसाया जा रहा है। चीन के ताइवान के चारों और अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ाया है। ताइवान के हवाई और समुद्री जल क्षेत्र के आसपास चीन की घुसपैठ भी बढ़ती जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को ही ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि पीएलएल के 18 लड़ाकू विमान और नौ नौसैनिक विमान ताइवान की सीमा के आसपास देखे गए थे। इनमें से 12 लड़ाकू विमानों ने जल सीमा की मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में दाखिल हुए।

वर्ष 1949 से ताइवान स्वतंत्र रूप से शासन कर रहा है। हालांकि, चीन लगातार ताइवान को अपना क्षेत्र बताता आया है। चीन हर हाल में ताइवान को अपने क्षेत्र में शामिल करना चाहता है।

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