*जमानत मिलने के बाद गोपीकांदर पहुंचे सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का कार्यकर्ताओं ने किया भब्य स्वागत*
*इशारों-इशारों में बताया सिटिंग विधायक दिनेश विलियम मरांडी का टिकट कटने का कारण*
*बोले – जो विधायक और सांसद कार्यकर्ताओं और जनता की अनदेखी करेगा उसका वही हाल होगा जो हो रहा है*
*गोपीकांदर(दुमका)*
*गोपीकांदर ब्यूरो की रिपोर्ट*
झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बुधवार को झारखंड समेत पूरे देश में चर्चित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा लिट्टीपाड़ा विधानसभा के झामुमो प्रत्याशी हेमलाल मुर्मू के साथ रांची से सीधे गोपीकांदर प्रखंड पहुंचे| गोपीकांदर में पंकज मिश्रा का भब्य स्वागत किया गया| तत्पश्चात पंकज मिश्रा और हेमलाल मुर्मू ने गुम्मामोड़ स्थित सिदो-कान्हू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की|
मौके पर स्थानीय झामुमो कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर झामुमो प्रत्याशी और पंकज मिश्रा का जोरदार स्वागत किया| इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने पंकज मिश्रा जिंदाबाद, झामुमो जिंदाबाद और हेमलाल मुर्मू जिंदाबाद के नारे लगाए| मौके पर पंकज मिश्रा ने इशारों-इशारों में लिट्टीपाड़ा विस के सिटिंग विधायक दिनेश विलयम मरांडी को पार्टी से टिकट नहीं मिलने के कारण भी बता दिया| पंकज मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि जो विधायक और सांसद कार्यकर्ताओं और जनता की अनदेखी करेगा उसका वही हाल होगा जो हो रहा है| उन्होंने बताया कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान आपके नेता हेमंत सोरेन जेल में थे| बरहेट विधायक हेमंत सोरेन, पाकुड़ विधायक आलमगीर आलम और हम भी जेल में थे|
उस समय एक विधायक ने बागी तेवर अपनाया तो एक निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतर गए| उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के दम पर ही कोई विधायक या सांसद बनता है| मौके पर प्रखंड अध्यक्ष संतोष मरांडी, झामुमो महिला नेत्री पोलीना मुर्मू, मीडिया प्रभारी निजु मंडल, जिला परिषद सदस्य निशा शबनम हांस्दा, मंटू भगत, अमित सिंह, अमरनाथ भगत, सुलेमान हांस्दा, बदरुल शेख, शांति महारानी, सहित सैकड़ो झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थें।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और व्यवसायी शम्भू नंदन कुमार के बीच साहिबगंज जिले के बरहरवा टोल टैक्स के टेंडर को लेकर विवाद हुआ था| टेंडर के दौरान व्यवसायी शम्भू नंदन कुमार के साथ मारपीट हुई थी| मारपीट के बाद व्यवसायी ने थाने में विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, ग्रामीण विकास मंत्री सह पाकुड़ विधायक आलमगीर आलम एवं अन्य के खिलाफ बरहरवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी|
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इस मामले को ईडी ने ले लिया और जांच के दौरान पंकज मिश्रा पर कई गंभीर आरोप लगे| मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया| इस दौरान मंत्री आलमगीर आलम के पीएस के नौकर के घर ईडी ने छापेमारी कर करोड़ों रूपए जब्त किए और जांच के दौरान आलमगीर आलम भी गिरफ्तार हुए| ढाई साल जेल में रहने के बाद उच्च न्यायालय ने जमानत पर पंकज मिश्रा को रिहा किया| जबकि तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम वर्तमान में जेल में हैं|
