*चुनाव तो नीतीश के नेतृत्व में लड़ेगी NDA, लेकिन मुख्यमंत्री कौन होगा ये फैसला बाद में*
*पटना*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़े जाने की बात तो सामने आ रही है, पर यह तय नहीं है कि वे ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए चुनाव लड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, यह फैसला बीजेपी का संसदीय बोर्ड और एनडीए के सभी घटक दल मिलकर करेंगे। उन्होंने इसे भगवान के हाथ में छोड़ते हुए कहा कि सब ऊपर वाला करता है।
जायसवाल ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास कोई काम नहीं है, इसलिए वे निशांत कुमार जैसे मुद्दों पर बयानबाजी कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा अभी घोषित करने की मांग बेमानी है।
दूसरी ओर जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने दावा किया कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने विपक्ष, खासकर राजद और तेजस्वी यादव की बयानबाजी को खारिज करते हुए कहा कि बिहार में उनकी कोई अहमियत नहीं है। कामैत ने भरोसा जताया कि 2025 में एनडीए बहुमत हासिल करेगा और राजद का सफाया हो जाएगा, जिसके चलते विपक्ष बौखलाहट में अनाप-शनाप बोल रहा है।
बताते चलें कि यह पूरा घटनाक्रम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के हालिया बयान के बाद गरमाया है। निशांत ने अपनी मां मंजू सिन्हा की जयंती के मौके पर कहा था कि वे उम्मीद करते हैं कि एनडीए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगा और उनकी अगुवाई में सत्ता में वापसी करेगा। निशांत खुले तौर पर पिता की उम्मीदवारी और सरकार के कामकाज पर बोल रहे हैं, लेकिन अपनी सियासी एंट्री के सवाल पर रहस्यमयी अंदाज में “अरे छोड़िए” कहकर बात टाल रहे हैं। वे राजनीति की चौखट के बेहद करीब नजर आते हैं, पर अभी अपने इरादे जाहिर नहीं कर रहे।
कुल मिलाकर, बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सहमति दिख रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद का अंतिम फैसला एनडीए की एकजुट रणनीति और बीजेपी के संसदीय बोर्ड के हाथ में है। यह सियासी पेच आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकता है।
