*ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल दुमका द्वारा तय नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण का कार्य*
*सिमानीजोर पंचायत में निर्माणाधीन तीन आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण स्थल पर नहीं लगाया गया सूचना पट्ट*
*ग्रामीणों ने लगाया निम्न स्तरीय सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप, गोचर जमीन में बनाएं जा रहे दो भवन*
*शिकारीपाड़ा(दुमका)*
*रिपोर्ट – सियाराम शरण सिंह*
ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल दुमका द्वारा प्रखंड के सिमानीजोर पंचायत अंतर्गत तीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण किया जा रहा है|
भवन निर्माण में छत ढलाई तक का कार्य संपन्न कर लिया गया है, लेकिन आज तक निर्माण स्थल पर योजना संबंधी सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है| विभागीय अभियंता का कहना है की कार्य समाप्ति के बाद विभाग द्वारा सूचना पट्ट लगाया जाता है|
प्रखण्ड के बुद्धिजीवियों के अनुसार झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के अनुपालन में सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों का अनुपालन नहीं करना ही सरकारी तंत्र अपनी महानता समझने लगा है। शिकारीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत बाल विकास परियोजना के तहत कितने आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण किया जा रहा है, इसकी जानकारी ना तो बाल विकास परियोजना पदाधिकारी शिकारीपाड़ा द्वारा दी जा रही है, और ना ही ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल दुमका द्वारा दी जा रही है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार सिमानीजोर पंचायत अंतर्गत बाबू पाड़ा एवं हल्दी पहाड़ी तथा कौड़ीगढ़ में सरकार एवं विभाग द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों को दरकिनार करते हुए कार्य किया जा रहा है| तीनों आंगनवाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कार्य काफी घटिया स्तर से छत ढलाई तक कर लिया गया है| जिसमें काफी निम्न स्तर के ईंट का प्रयोग किया गया है| निर्माण स्थल पर आज तक सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे ग्रामीणों को भवन का निर्माण किसके लिए, कितने की लागत से, किस विभाग द्वारा किया जा रहा है,उसका पता नहीं चल रहा। उक्त जमीन जमाबंदी है, गोचर है या खास है इसके लिए अंचल कार्यालय से जमीनी प्रतिवेदन तक प्राप्त नहीं किया गया है, क्योंकि ग्रामीणों की मानें तो दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण गोचर भूमि में किया जा रहा है जो कि सरासर गलत है| गोचर का नेचर कभी भी नहीं बदला जा सकता है।
क्या कहते हैं पदाधिकारी
प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी शिकारीपाड़ा मोहम्मद एजाज आलम से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि जिस आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण टेंडर द्वारा किया जाता है उसकी सूची संबंधित विभाग द्वारा कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई जाती है| जब भवन बनकर तैयार हो जाता है तो विभाग द्वारा उसे हस्तगत कराया जाता है| निर्माण के समय बाल विकास परियोजना के किसी भी पदाधिकारी द्वारा भवन निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण करने का कोई प्रावधान नहीं है।
जमीनी प्रतिवेदन के संबंध में अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जब जमीन की मांग की जाती है तो उस मौजा में यदि सरकारी जमीन उपलब्ध होती है तो उसको विभाग को दिया जाता है अन्यथा विभाग या अभिकर्ता द्वारा जमाबंदी जमीन दान पत्र में लेकर भवन का निर्माण किया जाता है| गोचर में भवन निर्माण किया जा रहा है इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं और ना ही उनके द्वारा जमीनी प्रतिवेदन दिया गया है।
ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल दुमका के कनीय अभियंता अनिल कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि हम लोगों को जमीन का प्रकार नहीं देखना है, अंचल अधिकारी जिस जमीन का प्रतिवेदन दे देते हैं हम लोग इस पर बना देते हैं| सूचना पट्ट संबंध में उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा सूचना पट्ट की चोरी कर ली जाती है, जिसके कारण कार्य समाप्ति के पश्चात सूचना पट्ट लगाया जाता है।
सहायक अभियंता राजेश कुमार पांडे ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर सूचना पट्ट लगा दिया जाएगा।
