*गुमरो गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन*
*मसलिया(दुमका)*
*रिपोर्ट – केसरीनाथ यादव*
फतेहपुर प्रखंड से सटे मसलिया के गुमरो गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का समापन बुधवार रात्रि को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। यह धार्मिक आयोजन 23 अप्रैल को कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ था, जिसमें क्षेत्र के दर्जनों गांवों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा वाचन के लिए पश्चिम बंगाल के नवद्वीप से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक आलोक शास्त्री जी महाराज ने सात रात्रियों तक श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतवाणी सुनाई। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, विभिन्न अवतारों, परीक्षित को मिले श्राप और मुक्ति की कथा सहित श्रीमद्भागवत के मूल सार को विस्तारपूर्वक और भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
इन सात दिनों के दौरान गुमरो समेत आसपास के कई गांवों में भक्तिमय वातावरण बना रहा। प्रतिदिन संध्या होते ही श्रद्धालु कथा पंडाल में जुटने लगते थे, मानो यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया हो। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सभी बड़े उत्साह और श्रद्धा से कथा श्रवण में शामिल होते रहे। इस भव्य आयोजन को गुमरो गांव के आशुतोष झा, कृष्णानंद झा तथा समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से सफल बनाया गया।
स्थानीय लोगों ने न केवल धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया, बल्कि सेवा कार्यों में भी सक्रिय योगदान दिया। समापन अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा के माध्यम से समाज में धार्मिक जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना का संचार हुआ।
