Skip to content

क्या फिर पटरी पर लौटेंगे भारत-चीन के रिश्ते?राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर मिले संकेत* 

*क्या फिर पटरी पर लौटेंगे भारत-चीन के रिश्ते?राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर मिले संकेत*

 

*नई दिल्ली*

 

*दीपक कुमार शर्मा*

 

भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने चीन-भारत संबंधों के भविष्य के बारे में सकारात्मक आशा व्यक्त की है। जू ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में विदेश सचिव विक्रम मिस्री के शामिल होने पर खुशी व्यक्त की।

 

भारत-चीन राजनयिक संबंधों की स्थापना के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान चीनी राजदूत जू ने कहा कि चीन और भारत के नेताओं ने इस खास मौके पर बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। साथ ही दोनों देशों को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, आपसी विश्वास और आपसी लाभ की दिशा में आम विकास के लिए साथ आने के तरीके तलाशने चाहिए।

 

चीनी राजदूत ने आगे कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि कजान में दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक हमारे द्विपक्षीय संबंधों को एक स्थिर, पूर्वानुमानित और सौहार्दपूर्ण रास्ते पर वापस लाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने में सहायक थी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति न केवल वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में योगदान देगी, बल्कि एक बहु-ध्रुवीय दुनिया के उद्भव में भी योगदान देगी।

कार्यक्रम में चीनी राजदूत जू ने चुनौतियों से निपटने और आगे बढ़ने की दोनों देशों की क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा पिछले 75 वर्षों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, चीन-भारत संबंध हमेशा यांगत्जी और गंगा की तरह आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य को समझने के लिए अतीत से सीखना चाहिए और दूर तक जाने के लिए सही रास्ते पर चलना चाहिए।

 

*अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत और स्थिर बनाएंगे दोनों देश*

 

चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें एक्स पर साझा कीं। उन्होंने लिखा कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री और सभी क्षेत्रों के मित्रों के साथ इस विशेष अवसर पर शामिल होकर खुशी हुई। जू ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि दोनों देशों के नेताओं के संयुक्त मार्गदर्शन में, चीन और भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत और स्थिर बनाएंगे, जिससे विश्व शांति और समृद्धि में मदद मिलेगी।

https://emtvlive.in/

http://aajtakjharkhand.in

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *