*ईपीएफ पासबुक में बकाया कर्मचारी अंशदान रकम जमा नहीं होने पर अनुबंध स्वस्थ्य कर्मियों ने सांसद से लगायी मदद की गुहार*
*दुमका*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
बुधवार को अनुबंध कर्मियों ने ईपीएफ पासबुक में बकाया कर्मचारी अंशदान रकम जमा करवाने के लिए दुमका सांसद नलिन सोरेन से उनके काठीकुंड स्थित आवास पर मुलाकात कर लिखित आवेदन देकर ईपीएफ पासबुक में बकाया कर्मचारी अंशदान रकम जमा करवाने में मदद का अनुरोध किया। आवेदन मिलते ही सांसद नलिन सोरेन ने दुमका के सिविल सर्जन बच्चा सिंह से मोबाइल में बात की। अवसर पर सांसद नलिन सोरेन ने कर्मियों से कहा कि सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि पूजा के पहले बकाया कर्मचारी अंशदान रकम कर्मियों के ईपीएफ पासबुक में चली जायेगी। इस मौके पर दुमका जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमति जोयेस बेसरा भी उपस्थित थी ।
*क्या है मामला*
ईपीएफ कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कर्मियों के मानदेय से विभाग राशि कटौती कर कर्मी के ईपीएफ पासबुक में जमा करती है| दुमका जिला के स्वास्थ्य विभाग अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में कार्यरत अनुबंध कर्मियों का लगभग 32 से 42 माह का ईपीएफ पासबुक में कर्मचारी अंशदान रकम जमा नही हुआ है । जबकि राशि कर्मियों के मानदेय से कटौती कर लिया गया है। यह रकम अनुबंध कर्मियों के मानदेय से प्रत्येक माह दुमका जिला के दसो ब्लॉक के प्रखंड लेखा प्रबंधक द्वारा कटौती कर सिविल सर्जन कार्यालय में जमा की गयी है।
यह बकाया वर्ष 2015 से वर्ष 2022 के बीच का है । बकाया कर्मचारी अंशदान रकम के लिए अनुबंध कर्मी करीब दो वर्षो से सिविल सर्जन कार्यालय,दुमका का चक्कर लगा रहे है। बकाया कर्मचारी अंशदान रकम कर्मियों के ईपीएफ पासबुक में जमा नही होने के कारण अनुबंध कर्मियों को नियोक्ता अंशदान का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। सिविल सर्जन,दुमका का कहना है कि बकाया कर्मचारी अंशदान रकम ईपीएफ कार्यालय में जमा करवा दिया गया है, लेकिन अनुबंध कर्मियों का कहना है कि अभी तक बकाया कर्मचारी अंशदान रकम अनुबंध कर्मियों के ईपीएफ पासबुक में जमा नही हुई है, क्योंकि जमा होने पर कर्मियों के ईपीएफ पासबुक में वह स्वत: दिखती है। सभी कर्मियों का मिलाकर कुल बकाया कर्मचारी अंशदान रकम लगभग चार से पांच करोड़ रूपये के आसपास होगी, जो अनुबंध कर्मियों के ईपीएफ पासबुक में नही गया है|
कर्मियों का कहना है कि एक तरफ अनुबंध कर्मी अल्प मानदेय पर काम करते है वही दूसरे ओर उनके खून पसीने की गाढ़ी कमाई का कर्मचारी अंशदान का बकाया राशि कर्मियों के ईपीएफ पासबुक में जमा नही है,जो अत्यंत दुःख की बात है।
मौके पर अनुबंध कर्मियों ने सांसद महोदय को अनुबंध कर्मियों के हक अधिकार के लिए खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया। इस मौके पर जुली कांति मुर्मू,नेल्सेंट टुडू,ललिता मुर्मू,ज्योति बास्की,संजू सिसिलिया हेम्ब्रोम,स्नेहलता बास्की,सुशान्न सोरेन,संतोशिला किस्कू,मोनिका किस्कू,रीता सोरेन,अग्नेश हेम्ब्रोम,अनिता मुर्मू,मोनिका बास्की,स्टेंशिला हांसदा के साथ काफी संख्या में अनुबंध कर्मी उपस्थित थे।
