*इसाफ कंपनी द्वारा काम से हटाने से आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने किया राजू पूजहर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन*

*जामा(दुमका)*
*जामा ब्यूरो की रिपोर्ट*
जामा प्रखंड के लगला पंचायत में सरकार के सहयोग से संचालित इसाफ कंपनी की शाखा सिडार प्राइवेट लिमिटेड वैसा द्वारा सैकड़ों महिलाओं को काम से हटाने से आक्रोशित महिलाओं ने सोमवार को सरसाबाद पंचायत के मुखिया सह समाजिक कार्यकर्ता राजू पुजहर के अगुवाई में कंपनी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के अनुसार इस कंपनी में कुछ दिन पूर्व 300 से 400 महिलाओं को स्वरोजगार मिल रहा था।
कंपनी में महिलाओं द्वारा जलकुंभी से सोरमेट और बांस के द्वारा दर्जनों वस्तुओं का निर्माण किया जाता था। वहाँ काम कर चुकी पूजा कुमारी ने बताया कि करीब 300 महिलाओं से प्रशिक्षण के नाम पर इसाफ कंपनी द्वारा संचालित लंहती इंस्टीट्यूट आफ मल्टीपल स्कील्स द्वारा प्रति महिला 5 हजार रूपया लेकर प्रशिक्षण कराया गया और कहा गया कि सभी महिलाओं को 57 वर्ष उम्र तक इस कंपनी में काम कराया जाएगा| परंतु हमलोगों से मात्र 1-2 महीना कार्य करा कर काम से वंचित कर दिया हैं।
अब इस कंपनी में मात्र 70 महिलाएं ही कार्य कर रही है और हमलोगों से काम नहीं कराया जा रहा है। जिसको लेकर हमलोग तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मौके पर रिंकू देवी, कंचन देवी, प्रभा देवी, सुशीला देवी, गुडी देवी, रीना देवी, मनीषा देवी, सरिता देवी, महावती देवी, सुनीता देवी, फुलकुमारी देवी, चांदनी देवी, किरण देवी, रेखा देवी, नितु देवी, अनिता देवी, रिना देवी , प्रियंका देवी,ललीता देवी, शिम्पा कुमारी आदि महिलाओं मौजूद थे।
इधर कंपनी के यूनिट निर्देशक आइना माथेव से बात करने पर बताया कि अभी यहाँ बन रहे वस्तुओं का आर्डर जिस अनुपात से मिल रहा था उस अनुपात से नहीं मिल रहा है| जिस कारण हमलोग सभी को नहीं रख पा रहे हैं साथ ही जलकुंभी भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे हमलोग सारमेट बनाते थे| इस कारण अभी हम सभी को रोजगार नहीं दे पा रहे हैं| जैसे ही आर्डर मिलेगा और हमें मेटेरियल उपलब्ध होगा हम सभी को रोजगार से जोड़ेंगे।
