*आदिवासी सेंगेल अभियान के प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ को सौंपा राष्ट्रपति के नाम स्मार पत्र*
*रानीश्वर(दुमका)*
सोमवार को आदिवासी सेंगेल अभियान के प्रतिनिधिमंडल ने रानीश्वर बीडीओ को राष्ट्रपति के नाम प्रेषित विभिन्न मांगों से संबंधित स्मार पत्र सौंपा| स्मार पत्र के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि
सभी आदिवासी गांव- समाज में संविधान और जनतंत्र जल्द लागू कराएं, क्योंकि आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के नाम पर चालू वंशानुगत नियुक्त माझी- परगना आदि इसको नहीं मानते हैं,वें राजतांत्रिक तानाशाही चलाते हैं।
सभी आदिवासी गांव समाज में संविधान, कानून और जनतंत्र जल्द लागू करें, क्योंकि सभी आदिवासी गांव- समाज में यह लागू नहीं है। अवसर पर आदिवासी सेंगेल अभियान के जोनल हेड बर्नार्ड हांसदा ने कहा कि इसके लिए राष्ट्रपति से लेकर पंचायत प्रतिनिधि तक दोषी हैं। दूसरी तरफ आदिवासी स्वशासन के नाम पर वंशानुगत नियुक्त मांझी परगाना आदि भी दोषी हैं। इसकी वजह से नशापान, अंधविश्वास, डायन प्रथा, महिला विरोधी मानसिकता, ईर्ष्या द्वेष, वोट की खरीद बिक्री, जबरन डंडोम या जुर्माना लगाना, सामाजिक बहिष्कार करना आदि चालू है।
सेंगेल इसमें अभिलंब सुधार की मांग करता है। अन्यथा गांव का जनजीवन आज़ाद भारत में गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं । मौके पर शिवाली मुर्मू, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष,दुमका, कविता मुर्मू, महिला मोर्चा प्रखण्ड अध्यक्ष रानीश्वर,बहादुर मुर्मू, लोगेन सोरेन,सिदो मुर्मू एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के दुमका जोनल हेड बार्नाड हांसदा मौजूद थे।
