*UN महासचिव का इस्राइल में प्रवेश प्रतिबंधित, इस्राइली विदेश मंत्री ने बताया अवांछित व्यक्ति*
*नई दिल्ली*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
इस्राइल ने ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमले की निंदा न करने पर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का देश में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। इस्राइल के विदेश मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि वे अवांछित व्यक्ति हैं। हमने उनके इस्राइल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। काट्ज़ ने कहा कि जो कोई इस्राइल पर ईरान के हमले की निंदा नहीं कर सकता, वह इस्राइल में प्रवेश करने का हकदार नहीं है।
उन्होंने कहा कि गुटेरेस ने सात अक्तूबर को हमास द्वारा किए गए हमलों की अभी तक निंदा नहीं की है। मगर इस्राइल अपने नागरिकों की रक्षा करेगा। वह गुटेरेस के बिना भी अपनी राष्ट्रीय गरिमा को बरकरार रखेगा। एक्स पर पोस्ट में काट्ज ने कहा कि मैनें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को अवांछित व्यक्तित्व घोषित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने अभी तक सात अक्तूबर को हमास की ओर से किए गए नरसंहार और यौन अत्याचारों की निंदा नहीं की है और न ही उन्होंने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए कोई प्रयास किया है।
यूएन महासचिव आतंकवादियों, बलात्कारियों को समर्थन देते हैं। उन्हें हमास, हिजबुल्ला, हूती और अब ईरान के हत्यारों को वैश्विक आतंक की मातृ शक्ति के तौर पर संयुक्त राष्ट्र के इतिहास पर एक दाग के रूप में याद किया जाएगा।
इस्राइल के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता एलेक्स गैंडलर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ईरान, हमास और हिजबुल्ला के साथ संघर्ष के दौरान किसी भी तरह से इस्राइल के लिए मददगार नहीं रहे। उन्होंने कहा कि इस्राइल कई बार उनके पक्ष में खड़ा हुआ, लेकिन गुटेरेस ने ईरान के कृत्यों की निंदा करने के बजाय पश्चिम एशिया में शांति की कामना की। इस्राइल पर ईरान के रॉकेट हमले के जवाब में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा था कि मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष के बढ़ने की निंदा करता हूं। इसे रुकना चाहिए। हमें बिल्कुल युद्ध विराम की जरूरत है। पश्चिम एशिया में जब ईरान ने इस्राइल में 200 मिसाइलें दागीं तो अमेरिका की सेना ने इस्राइल की मदद के लिए इस्राइली रक्षा बलों का सहयोग किया।
अमेरिकी नौसेना मिसाइलों को मार गिराने के लिए इंटरसेप्टर फायरिंग में इजरायली वायु रक्षा इकाइयों में शामिल हो गई। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने देश पर ईरान के मिसाइल हमले को बड़ी गलती बताया और कहा कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने ईरान के हमले को गंभीर और खतरनाक बताया। उन्होंने कहा था कि इसके गंभीर परिणाम होंगे। हम इस्राइल सरकार के निर्देश के अनुसार जहां भी,जब भी और जैसे भी चुनेंगे, जवाब देंगे।
