*प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में कोयला का काला कारोबार*
*शुक्रवार की रात वन विभाग की टीम ने किया 25 क्विंटल कोयला लदी पिकअप वाहन को जब्त*
*शिकारीपाड़ा(दुमका)*
*सियाराम शरण सिंह की रिपोर्ट*
शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत वन भूमि एवं सरकारी व रैयती भूमि से कोयला एवं पत्थर का अवैध उत्खनन प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि समय-समय पर जिला टास्क फोर्स कमेटी द्वारा अवैध कोयला खनन को रोकने के उद्देश्य से वन भूमि तथा रैयती भूमि के साथ-साथ सरकारी भूमि में चल रही कोयला खदानों को डोजरिंग कर बंद किया जाता है, उसके बावजूद कोयला माफिया कोयला खनन व परिवहन से बाज नहीं आ रहे हैं|
शुक्रवार की रात वन विभाग की टीम ने शिकारीपाड़ा वन क्षेत्र के लुटिया पहाड़ से 25 क्विंटल कोयला लदी पिकअप वाहन को जप्त किया है। शिकारीपाड़ा वनपाल के अनुसार रात्रि गश्ती के दौरान लुटिया पहाड़ वन क्षेत्र से एक पिकअप वाहन पकड़ा गया, जिस पर 25 क्विंटल कोयला लदा था| वन विभाग की टीम द्वारा उक्त कोयला सहित वाहन को जप्त करते हुए वन परिसर आसनवनी में खड़ा किया गया है, जबकि कोयला माफिया तथा वाहन चालक भागने में सफल रहे। ज्ञात हो कि नवंबर 2023 में प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी प्रांजल डंडा नेतृत्व में भी काफी बड़े पैमाने पर अवैध रूप से संचालित कोयला खदानों को डोजरिंग कर ध्वस्त किया गया था| उस समय लगा था कि कोयला का अवैध कारोबार बंद हो जाएगा, उसके बाद भी कई बार प्रशासनिक टीम द्वारा अवैध खदानों में डोजरिंग किया गया लेकिन कोयले का अवैध कारोबार बंद नहीं हो रहा है जिसका प्रमाण शिकारीपाड़ा थाना एवं वन विभाग द्वारा कोयला एवं कोयला ले जाते वाहनों का जप्त होना दे रहा है। बताते चलें कि सिर्फ शिकारीपाड़ा ही नहीं जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में भी कोयला का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है, वहां भी लगातार कोयला के अवैध कारोबार पर पुलिस व प्रशासन द्वारा कारवाई की जा रही है| कुछ दिनों पहले रामगढ़ थाना क्षेत्र में भी कोयला लदी पिकअप वाहन को जब्त किया गया था लेकिन इस कारोबार को रोकने में सफलता नहीं मिल रही| इसके अलावा नाला थाना क्षेत्र से भी कुंडहित मसलिया के रास्ते अवैध कोयला का कारोबार बदस्तूर जारी है|
