*लताबड़ गांव में भव्य कलश शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ*
*सनातन धर्म में नाम जप का विशेष महत्व! कलियुग में ईश्वर का स्मरण ही मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख साधन है -सुश्री भारती किशोरी जी*
*मसलिया(दुमका)*
*रिपोर्ट – कुमार विक्रम*
दुमका जिले के मसलिया प्रखंड स्थित लताबड़ गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें 111 कन्याओं ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर गोवासोल होते हुए लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय कर झगड़ाहीड़ स्थित नूनविल नदी घाट पहुंची। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक कलश जल भराई संपन्न हुई। कलश यात्रा एवं कथा के आयोजन में वृंदावन धाम से पधारी सुप्रसिद्ध कथावाचिका सुश्री भारती किशोरी जी और देवघर से आए आचार्य रोहित भारद्वाज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर सुश्री भारती किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म में नाम जप का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि कलियुग में ईश्वर का स्मरण ही मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख साधन है। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं भक्तों के प्रति उनकी कृपा का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। पूरे सप्ताह कथा स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा, जिससे भक्तों को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश प्राप्त होगा। आयोजन समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।
