*शिकारीपाड़ा में अतिक्रमणकारी ने ही ग्रामीणों के साथ सीओ को आवेदन देकर की अतिक्रमण हटाने की मांग*
*वर्ष 2017 में अंचल कार्यालय से 11 लोगों को अतिक्रमण हटाने से संबंधित नोटिस के बाद मात्र 6 ने ही हटाया अतिक्रमण*
*शिकारीपाड़ा(दुमका)*
*शिकारीपाड़ा ब्यूरो की रिपोर्ट*
दुमका जिला के शिकारीपाड़ा अंचल कार्यालय द्वारा सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है| पीड़ित लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अंचल कार्यालय शिकारीपाड़ा द्वारा निर्गत अतिक्रमण हटाओ आदेश सिर्फ गरीब दबे कुचले लोगों पर ही प्रभावी होता है, प्रभावशाली व्यक्तियों पर सरकारी भूमि अतिक्रमण हटाओ अभियान का कोई असर नहीं होता।
इसका सबसे जीता जागता व बड़ा प्रमाण शिकारीपड़ा प्रखंड के पलासी पंचायत अंतर्गत राज बांध हटिया परिसर में देखा जा सकता है। यहां चोर मचाएं शोर वाली कहावत चरितार्थ होती है, जिस व्यक्ति को वर्ष 2017 में अतिक्रमण हटाने के लिए अंचल कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया गया था वह व्यक्ति ही अतिक्रमण हटाने के लिए आमजनों के साथ अंचल अधिकारी शिकारीपाड़ा को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहा है। बताते चलें कि राजबांध के ग्राम सभा अध्यक्ष राजीव लोचन साव सहित 150 ग्रामीणों ने एक आवेदन देकर शिकारीपाड़ा अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
इसी भूमि से वर्ष 2017 में अंचल कार्यालय द्वारा 11 व्यक्तियों को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था| जिसमें से मात्र 6 व्यक्तियों ने ही अतिक्रमण हटाया शेष पांच व्यक्तियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया| ग्रामीणों के माने तो यह पांचो व्यक्ति दबंग एवं प्रभावशाली हैं| अवैध कोयला खनन एवं पत्थर खनन से जुड़े होने के कारण प्रभावशाली लोगों से इनका सीधा संपर्क है| जिसके कारण इन लोगों के विरुद्ध उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर द्वारा शिकारीपाड़ा बाजार में अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किए जाने के पश्चात राजबांध के ग्रामीण में पुनः आशा की किरण जागी और ग्रामीणों ने दोबारा राजबांध से आकर अंचल कार्यालय में दिसंबर 2024 में आवेदन देकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है| समाचार लिखे जाने तक अतिक्रमणकारियों को अंचल कार्यालय द्वारा किसी प्रकार का नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
*क्या कहते हैं अंचल अधिकारी*
अंचल अधिकारी शिकारीपाड़ा कपिल देव ठाकुर से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हुआ है अंचल अमीन एवं राजस्व कर्मचारी द्वारा जांच कराई गई है| अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अंचल कार्यालय शिकारीपाड़ा द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है।
