*पंचतत्व में विलीन हुईं बिहार कोकिला,विदाई में बजे छठ गीत; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार*
*पटना*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
बिहार कोकिला शारदा सिन्हा को लोगों ने आज गुरुवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। पटना के राजेंद्र नगर आवास पर अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सीएम नीतीश कुमार ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बेटे अंशुमान सिन्हा ने उन्हें कांधा दिया। भाजपा के पूर्व सांसद रामकृपाल यादव और विधायक संजीव चौरसिया ने भी कांधा दिया। अंतिम यात्रा में बिहार कोकिला का गाया आखिरी छठ गीत बजा। गुलबी घाट पर उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अंशुमान सिन्हा अपनी मां को मुखाग्नि देते वक्त फफक पड़े। इस दौरान सभी की आंखें नम थीं। घाट पर ‘शारदा सिन्हा अमर रहे’ के साथ-साथ छठी मईया के जयकारे भी गूंजते रहे।
*गुलबी घाट पर ही दाह संस्कार की अंतिम इच्छा थी*
बताते चलें कि इसी वर्ष 22 सितंबर को लोकगायिका शारदा सिन्हा के पति ब्रज किशोर सिन्हा का निधन हुआ था। उनका अंतिम संस्कार गुलबी घाट पर ही किया गया था। बेटे अंशुमान सिन्हा ने बताया कि पिताजी के जाने के बाद मां का मनोबल पूरी तरह टूट चुका था। उन्होंने एक दिन बात ही बात में कहा कि मुझे भी गुलबी घाट में ही अंतिम विदाई दी जाए। इसलिए मां की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए गुलबी घाट पर ही दाह संस्कार किया गया।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ बिहार कोकिला का अंतिम संस्कार
राज्यपाल ने निधन पर जताया शोक
लोकगायिका शारदा सिन्हा के निधन पर बिहार भाजपा की ओर से कहा गया कि मां सरस्वती की वरदपुत्री, पद्म श्री, बिहार कोकिला शारदा सिन्हा से बिहार ही नहीं पूरे देश को अपूरणीय क्षति हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि उनके जाने से लोक संगीत का एक अध्याय खत्म हो गया। वहीं बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर शारदा सिन्हा के निधन पर दुख जताया है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री नितिन नवीन,अश्विनी चौबे विनम्र ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
