*सीएचसी गोपीकांदर में फाइलेरिया एमडीए कार्यक्रम को लेकर स्वस्थ कर्मियों को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण*
*गोपीकांदर(दुमका)*
*गोपीकांदर ब्यूरो की रिपोर्ट*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीकांदर के सभागार में बुधवार को फाइलेरिया एमडीए कार्यक्रम को लेकर स्वस्थ कर्मियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया| मौके पर डॉक्टर विश्वनाथ मंडी ने अभियान के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी| उन्होंने बताया कि प्रखंड में फाइलेरिया कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त से आंगनवाड़ी केन्द्रों में फाईलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जाएगा| जबकि छूटे हुए बच्चे बड़े को 25, 26, 27 अगस्त तक डोर टू डोर जाकर दवा खिलाई जाएगी|
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान तीनों प्रकार की दवा डी, ई, सी, एल्बेंडाजोल, आइवरमेक्टिन का सेवन करना अनिवार्य है| उन्होंने आगे कहा कि फाईलेरिया की दवा खाली पेट में नही खिलानी है, वहीं गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को भी फाईलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी| उन्होंने बताया कि फाईलेरिया, लिफेटिक फाइलेरियासिस या हाथीपांव मच्छर से फैलने वाला एक दर्दनाक रोग है|
जिसमें संक्रमित व्यक्ति के शरीर का प्रभावित हिस्सा विकलांग हो सकता है| फाइलेरिया एक ऐसा रोग है जिससे लक्षण संक्रमित होने के छह महीने या साल भर के बाद दिखाई देते है| इससे बचाव के लिए मच्छरजनक कारकों को तो नष्ट करें ही साथ में सरकार द्वारा वितरित की जाने वाली दवा का भी सेवन करें|
इस प्रशिक्षण में विनोद कुमार, लेखा प्रबंधक प्रेमतोष बास्की, कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक व स्वणाव शेखर पी, सी,आइ, एएनएम मनीता मरांडी, मैक्सिमिला मरांडी, सुनीता मुर्मू, बिटिया सोरेन, अनीता हांसदा, माधा मुर्मू, जनप्रतिनिधि खरौनी बाजार मुखिया इनोसेंट हांसदा, मूसना पंचायत मुखिया संगीता मुर्मू आदि उपस्थित थें।
