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बाल सुरक्षा,संरक्षण एवं संवर्धन मुद्दे पर मुफ्फसिल थाना प्रभारी की अध्यक्षता में एक दिवसीय समन्वय बैठक आहूत* 

*बाल सुरक्षा,संरक्षण एवं संवर्धन मुद्दे पर मुफ्फसिल थाना प्रभारी की अध्यक्षता में एक दिवसीय समन्वय बैठक आहूत*

 

*दुमका*

 

*ब्यूरो रिपोर्ट*

 

रविवार को जिला बाल संरक्षण ईकाई दुमका के द्वारा स्वयं सेवी संस्था ग्राम ज्योति के सहयोग से मुफ्फसिल थाना परिसर में थाना प्रभारी नितीश कुमार की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। जिसमें कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन ग्राम ज्योति की ओर से मुकेश कुमार दुबे ने बैठक में उपस्थित सदस्या बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण ईकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं थाना के समस्त पुलिस पदाधिकारियों व चौकीदारों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वयं सेवी संस्था ग्राम ज्योति विगत कई वर्षों से बाल संरक्षण के मुद्दों पर मुख्य रूप से बाल विवाह,बाल श्रम,बाल तस्करी एवं बाल यौन शोषण पर कार्य कर रही है।

इस कार्य में संस्था जिला प्रशासन को आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने बाल विवाह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का विवाह करवाना कानूनन अपराध है। बैठक में उपस्थित सदस्या बाल कल्याण समिति,की कुमारी विजया लक्ष्मी ने पॉक्सो केसेस पर प्रकाश डालते हुए अपने वक्तव्य में कहा कि पॉक्सो के मामले प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर फॉर्म B भरकर समिति को उक्त मामले से सूचित करे जिससे समिति उस पर विचार कर तीन कार्य दिवस के अंदर थाने को सूचित करेगी कि पॉक्सो पीड़िता का प्रस्तुति अनिवार्य है या नहीं साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों के मुद्दों पर काफी संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है,उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य आमतौर पर यह देखा जाता है कि पॉक्सो पीड़िता को जब समिति के समक्ष उपस्थापित किया जाता है तो पुलिस पदाधिकारी अपने वर्दी में पाए जाते है जो कि यह नियमानुकूल नहीं है इस पर सभी पुलिस पदाधिकारी को ध्यान देने की आवश्यकता है।

जिला बाल संरक्षण ईकाई से अगुवाई करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन के निक्कू कुमार साह ने अपने वक्तव्य में कहा कि हुए कहा कि बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या प्राप्त होने पर इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के टॉल फ्री नंबर 1098, जिला बाल संरक्षण ईकाई, तथा बाल कल्याण समिति कार्यालय को त्वरित दी जाए, जिससे बच्चों के हित में उचित निर्णय लिया जा सके साथ ही उन्होंने सभी थानों से अनुरोध किया कि पॉक्सो पीड़िता से अभियुक्त की तरह व्यवहार ना की जाए और पूरी गोपनीयता के साथ मामले की अनुसंधान की जाए,किसी भी परिस्थिति में पॉक्सो पीड़िता की नाम और पहचान उजागर ना हो।

अंत में ग्राम ज्योति की आभा जी द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन कर बैठक की समाप्ति की गयी।उक्त बैठक को सफल बनाने में थाना के एसआई राजेश्वर सिंह, शशि प्रभा टोप्पो, चौकीदार, ग्राम ज्योति से पवन कुमार यादव,सनातन मुर्मू एवं यूनिसेफ की ज्योत्सना हेंब्रम ने अहम भूमिका निभाई।

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