*प्रखंड प्रमुख ने जनप्रतिनिधि शमीम अंसारी पर लगाया फर्जी तरीके से मनरेगा का भुगतान लेने का आरोप*

*काठीकुंड(दुमका)*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
प्रखंड प्रमुख बिमला निपु सोरेन ने शनिवार को उपविकास आयुक्त दुमका को लिखित आवेदन देकर आस्ताजोड़ा पंचायत समिति सदस्य शमीम अंसारी पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मनरेगा योजनाओं में फर्जी तरीके से भुगतान लेने का आरोप लगाया है। प्रखंड प्रमुख बिमला निपु सोरेन ने आवेदन में बताया कि पंचायत समिति सदस्य शमीम अंसारी ने जनप्रतिनिधि पद का दुरुपयोग करते हुए अपना व अपने परिवार के सदस्यों का मनरेगा मजदूर जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा योजना में भुगतान ले लिया।
आवेदन में बताया कि वर्ष 2021 मनरेगा योजना संख्या JH- 11-008002-008/133 ग्राम हरला में राजन सोरेन का डोभा निर्माण और योजना संख्या 3411008002/RC/7080901092400 मोरम टोपींग रोड़ आम्बा से हरला गांव के सीमा तक में फर्जी कार्य दिखाकर पंचायत समिति सदस्य शमीम अंसारी ने अपना ,अपनी पत्नी और पुत्र का मनरेगा जॉब कार्ड बनाकर फर्जी तरीके से मनरेगा भुगतान प्राप्त किया गया है। जबकि मनरेगा अधिनियम अंतर्गत एक परिवार की सूची में एक ही जॉब कार्ड निर्गत किया जाता है|
लेकिन शमीम अंसारी द्वारा मनरेगा अधिनियम को ताक में रखकर एक ही परिवार में अलग-अलग जॉब कार्ड प्राप्त कर मनरेगा भुगतान लिया गया है। आवेदन में आगे बताया गया कि पंचायत समिति सदस्य शमीम अंसारी 28 सितंबर 2022 को पंचायती समिति कार्यकारणी बैठक में उपस्थित थे तथा मनरेगा कार्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कर मनरेगा भुगतान प्राप्त किया है। प्रखंड प्रमुख विमला निपु सोरेन ने उप विकास आयुक्त से जनप्रतिनिधि शमीम अंसारी पर अपने पद का दुरुपयोग करने एवं पंचायती राज अधिनियम का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले पर उप विकास आयुक्त ने आश्वाशन दिया कि जल्द ही उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
