*ग्रामीण क्षेत्र की कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी लाखों रुपये के आय-व्यय का लेखा-जोखा*
*जेएसएलपीएस द्वारा संचालित महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच चलाया गया एकदिवसीय रजिस्टर लेखन अभियान*
*रामगढ़(दुमका)*
*रामगढ़ ब्यूरो की रिपोर्ट*
ग्रामीण क्षेत्र की कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी लाखों रुपये के आय-व्यय का लेखा-जोखा रख रही हैं। यह संभव हुआ है झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को दिए गए प्रशिक्षण से। रामगढ़ प्रखंड में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी द्वारा गठित एवं संचालित महिला स्वयं सहायता समूह के रजिस्टर को अद्यतन करने का अभियान शुक्रवार को चलाया गया।
रामगढ़ प्रखंड में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी द्वारा गठित सभी संकुल संगठन, ग्राम संगठन एवं सखी मंडल में रजिस्टर लिखने का विशेष अभियान चलाया गया।प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक राहुल कुमार वर्मा ने बताया कि सखी मंडल समूहों को 6 लाख का सीसीएल ऋण बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा जेएसएलपीएस द्वारा 15000 रुपये तथा 30000 रुपये की राशि चक्रीय निधि के रूप में महिला स्वयं सहायता समूह को उपलब्ध कराई जाती है।
जरूरत के अनुसार संकुल संगठन द्वारा भी समूह की महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाता है। जिसके लिये सभी प्रकार के ऋण का लेखा-जोखा गांव में सखी मंडल के दीदीयां खुद करती है। शुक्रवार को इस संबंध में विशेष अभियान चलाकर जिस रजिस्टर का पूर्ण संधारण कराया गया। जी समूह की महिलाओं में रजिस्टर लिखने की जानकारी की कमी पाई गई वहां पर संकुल के सामुदायिक समन्वयक तथा आईपीआरपी एवं संकुल स्तरीय कैडर द्वारा संबंधित समूह की महिलाओं को आय-व्यय का रजिस्टर लिखने की जानकारी दी गई।
इस संबंध में जेएसएलपीएस के बीपीएम कमल किशोर ने बताया कि सखी मंडल हों या ग्राम संगठन अथवा संकुल संगठन, इनके द्वारा जितने भी प्रकार का लेनदेन किया जा रहा है सभी का लेखा-जोखा गांव की ही दीदीयाँ कर रही है।शुक्रवार को पूरे प्रखंड में इस संबंध में अभियान चलाकर सभी समूहों,ग्राम संगठन तथा संकुल संगठनों का रजिस्टर पूर्ण कराया गया।
