*गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बड़ा बांध तालाब के किनारे लगाया पीपल का पेड़*
*पीपल का पेड़ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण – डॉ राजकुमार उपाध्याय*
*दुमका*
*ब्यूरो रिपोर्ट*
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ राज कुमार उपाध्याय के पहल पर गुरू पुर्णिमा के अवसर पर रविवार को बड़ा बांध तालाब के किनारे पीपल का पौधा लगाया गया। पूर्व वार्ड पार्षद अभिषेक चौरसिया, डा राजेन्द्र प्रसाद मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के सचिव अरविन्द वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता शिव कुमार गुप्ता, सुरेश कुमार दास, संतोष वर्मा आदि ने बांधपाड़ा मंदिर के सामने बड़ा बांध तालाब के बगल में तीन फीट गड्ढा खोद कर पीपल का एक वर्ष पुराना पौधा लगाया और जानवरों से बचाव के लिए उसकी घेराबंदी भी की।
मौके पर डॉ राज कुमार उपाध्याय ने बताया कि बड़ा बांध तालाब के किनारे अस्पताल से सटे जिस पेड़ को लोग पीपल का वृक्ष समझकर वहां श्राद्धकर्म एवं कर्मकाण्ड करते हैं, दरअसल वह पीपल का नहीं बल्कि पाकड़ का पेड़ है। इसलिए बड़ा बांध तालाब के किनारे पीपल का पेड़ लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पीपल का पेड़ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
पीपल के पेड़ से भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन निकलती है। ऐसा कहा जाता है कि सुबह पेड़ के चारों ओर घूमने से उपासक को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है। माना जाता है कि इस पेड़ में कई औषधीय गुण भी होते हैं। इसके पत्ते, लकड़ी, जड़ और छाल का उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है।
पूर्व वार्ड पार्षद अभिषेक चौरसिया ने कहा कि ‘‘हम लोगों ने पीपल के इस पेड़ के संरक्षण का संकल्प लिया है। जब यह पेड़ थोड़ा बड़ा होगा तो यहां चबुतरा आदि का निर्माण करवाया जायेगा।
