*अखिल भारतीय पहाड़िया आदिम जनजाति उत्थान समिति ने किया फतेहपुर में शाखा कार्यालय का उद्घाटन*
*फतेहपुर( जामताड़ा)*
*विपुल कुमार गोस्वामी की रिपोर्ट*
फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत गुलूडुमरिया-मोहनाबांक में अखिल भारतीय पहाड़िया आदिम जनजाति उत्थान समिति द्वारा शाखा कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। शाखा कार्यालय का उद्घाटन आदिम जनजाति पहाड़ीया उत्थान समिति के संगठन सचिव मनीलाल देहरी एवं सह सचिव चंद्रशेखर गृही ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मुख्य रूप कुछ खास लोग उपस्थित थे।जिसमें मसलिया प्रखंड प्रभारी बाबूलाल पुजहर,जिला परिषद सदस्य पुरन पुजहर आदि थे।
संस्था का विस्तार करते हुए गुलूडुमरिया संगठन का विस्तार किया गया, जिसका शाखा अध्यक्ष मालावती पहाड़िया और सचिव जयराम पुजहर को बनाया गया। इसके अलावा 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। संगठन का उद्देश्य बताते हुए संस्था संगठन सचिव मनीलाल देहरी ने बताया कि आदिम जनजाति पहाड़िया उत्थान समिति का गठन कर पहाड़िया जनजाति को अपनी संस्कृति, अपनी परम्परा अपना संस्कार के प्रति जागरूक करना है।भारतीय संविधान और अपना अधिकार अपना कर्तव्य एवं अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के प्रति जागरूकता फैलाना है।
बाबुलाल पुजहर ने कहा कि यह कार्यालय जनजाति के लोगों के लिए शिक्षा,स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा हमारा उद्देश्य जनजाति के लोगों को सशक्त बनाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने कहा यह कार्यालय हमारे क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है,जो जनजाति के लोगों के विकास में मदद करेगा।हम समिति के सदस्यों के साथ मिलकर काम करेंगे और जनजाति के लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेंगे। उद्घाटन समारोह में स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया और समिति के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा यह कार्यालय हमारे लिए एक आशा की किरण है,जो हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ने में मदद करेगा। अखिल भारतीय पहाड़िया आदिम जनजाति उत्थान समिति की शाखा के कार्यालय का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण कदम है,जो जनजाति के लोगों के विकास में मदद करेगा और उनके अधिकारों की रक्षा करेगा। संस्था का उद्देश्य पहाड़िया आदिम जनजाति के लोगों के लिए शिक्षा,स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के अवसर जनजाति के लोगों के अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण, स्थानीय लोगों की भागीदारी और समर्थन, समिति के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच सहयोग करना है।
